छत्तीसगढ़ में CG-SISF नियम लागू, उद्योगों को मिलेगी CISF जैसी सुरक्षा

Tue 05-May-2026,11:52 AM IST +05:30

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छत्तीसगढ़ में CG-SISF नियम लागू, उद्योगों को मिलेगी CISF जैसी सुरक्षा CG-SISF-Rules-2026-Chhattisgarh-Industrial-Security
  • छत्तीसगढ़ में CG-SISF नियम 2026 लागू होने से औद्योगिक प्रतिष्ठानों को पेशेवर सुरक्षा मिलेगी, जिससे निवेश और उद्योगों के विस्तार को बड़ा बढ़ावा मिलेगा।

  • नई सुरक्षा फोर्स CISF की तर्ज पर गठित होगी और इसमें राज्य पुलिस व सशस्त्र बलों के अधिकारी प्रतिनियुक्ति के आधार पर तैनात किए जाएंगे।

  • CG-SISF को गिरफ्तारी और तलाशी के अधिकार दिए गए हैं, साथ ही यह निजी और संयुक्त क्षेत्र के उद्योगों को भी सशुल्क सुरक्षा सेवाएं प्रदान करेगा।

Chhattisgarh / Raipur :

Raipur/ छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य में औद्योगिक सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए एक अहम कदम उठाते हुए CG-SISF नियम, 2026 लागू कर दिए हैं। यह नियम Chhattisgarh State Industrial Security Force Act 2025 के तहत बनाए गए हैं और तत्काल प्रभाव से लागू हो गए हैं। इस पहल के साथ ही राज्य में CISF की तर्ज पर एक विशेष औद्योगिक सुरक्षा बल के गठन का रास्ता साफ हो गया है।

नई फोर्स को दो प्रमुख शाखाओं कार्यपालक (Executive) और अनुसचिवीय (Ministerial) में विभाजित किया गया है। इस बल का नेतृत्व पुलिस महानिदेशक (DGP) करेंगे, जिनके अधीन विशेष डीजीपी, एडीजीपी, आईजी और डीआईजी स्तर के अधिकारी प्रशासन और अनुशासन की जिम्मेदारी संभालेंगे। बटालियन स्तर पर कमान सेनानी (Commandant) के पास होगी, जिनकी सहायता उप सेनानी और सहायक सेनानी करेंगे।

बल में भर्ती और तैनाती को लेकर भी स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। आरक्षक के लिए अधिकतम आयु सीमा 40 वर्ष, प्रधान आरक्षक के लिए 45 वर्ष और निरीक्षक के लिए 52 वर्ष तय की गई है। इस बल में राज्य पुलिस और सशस्त्र बलों के अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रतिनियुक्ति (Deputation) के आधार पर तैनात किया जाएगा। प्रतिनियुक्ति की अवधि 5 वर्ष निर्धारित की गई है, जिसे अधिकतम 6 वर्ष तक बढ़ाया जा सकता है। साथ ही प्रतिनियुक्त कर्मचारियों को मूल वेतन का 12 प्रतिशत प्रतिनियुक्ति भत्ता भी मिलेगा।

CG-SISF की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह केवल सरकारी ही नहीं, बल्कि निजी और संयुक्त क्षेत्र के औद्योगिक प्रतिष्ठानों को भी सशुल्क सुरक्षा सेवाएं प्रदान करेगा। इसके अंतर्गत सुरक्षा ऑडिट, आपदा प्रबंधन योजना और अग्नि सुरक्षा परामर्श जैसी सेवाएं भी शामिल होंगी, जिससे उद्योगों को समग्र सुरक्षा समाधान मिल सकेगा।

किसी भी औद्योगिक इकाई में इस बल की तैनाती से पहले एक संयुक्त सर्वेक्षण बोर्ड का गठन किया जाएगा। यह बोर्ड संबंधित इकाई में सुरक्षा जोखिमों का आकलन करेगा और उसी आधार पर आवश्यक बल की संख्या निर्धारित करेगा।

नए नियमों के तहत CG-SISF को गिरफ्तारी और तलाशी के अधिकार भी दिए गए हैं, हालांकि इसके लिए उन्हें Bharatiya Nagarik Suraksha Sanhita 2023 के प्रावधानों का पालन करना होगा।

इन नियमों के लागू होने से छत्तीसगढ़ में औद्योगिक निवेश को सुरक्षित वातावरण मिलेगा और सुरक्षा व्यवस्था अधिक पेशेवर तथा संगठित तरीके से संचालित हो सकेगी। यह कदम राज्य को औद्योगिक विकास के नए आयाम देने में महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।